लोकसभा का हंगामा बना सियासी तूफान, BJP महिला सांसदों ने स्पीकर से की कड़ी कार्रवाई की मांग

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में हुए अभूतपूर्व हंगामे को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है। बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा हमला बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखे पत्र में 4 फरवरी 2026 की घटना को “लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय” करार दिया है। पत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई अव्यवस्था का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि विपक्षी सांसदों ने संसदीय परंपराओं की सारी सीमाएं तोड़ दीं।
महिला सांसदों का कहना है कि पूरे देश ने देखा कि किस तरह विपक्षी सदस्य सदन के वेल में घुसे, टेबल पर चढ़े, सरकारी दस्तावेज फाड़े और उन्हें अध्यक्ष की कुर्सी की ओर उछाला। इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को कलंकित करने वाला कृत्य बताया गया है।
प्रधानमंत्री की सीट घेरने पर कड़ा ऐतराज
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ महिला विपक्षी सांसदों ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए सत्ता पक्ष की सीमा लांघी और बैनर-तख्तियों के साथ प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गईं। दावा किया गया कि वरिष्ठ मंत्रियों की सीटों तक भी विपक्षी सदस्य पहुंच गए, जिससे सदन की सुरक्षा और गरिमा पर सवाल खड़े हो गए।
भाजपा सांसदों ने कहा कि तमाम उकसावे के बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा। हालांकि सदन स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद स्पीकर के चैंबर की ओर बढ़े और वहां भी जोरदार हंगामा किया, जिसे स्पीकर का घोर अपमान बताया गया है।
स्पीकर की चेतावनी और सत्र का ठप होना
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहले ही कह चुके हैं कि उस दिन का माहौल इतना तनावपूर्ण था कि कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। उन्होंने साफ कहा था कि ऐसा आचरण संसद की गरिमा के खिलाफ है। इसी कारण प्रधानमंत्री का निर्धारित भाषण रद्द करना पड़ा।
वहीं विपक्ष ने इन आरोपों को नकारते हुए इसे शांतिपूर्ण विरोध बताया है। फिलहाल लोकसभा में बीते एक सप्ताह से गतिरोध बना हुआ है। आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं, जिससे संसद का कामकाज ठप पड़ा है।



