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RDA स्कैम में बड़ा खुलासा: मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की ‘कौड़ियों की जमीन’ को RDA ने बनाया 20 करोड़ का ‘सोना’, कांग्रेस का सीधा हमला—’तुरंत दें इस्तीफा!’

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए साय सरकार और RDA (रायपुर विकास प्राधिकरण) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रेसवार्ता में कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, प्रदेश संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने दस्तावेजों के साथ तीखा हमला बोला।

कांग्रेस का सीधा आरोप है कि RDA और सरकार ने मिलकर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप की पत्नी श्रीमती शान्ति कश्यप की कंपनी ‘राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड’ को सीधे तौर पर करोड़ों का असामान्य लाभ पहुंचाया है।

कौड़ियों के दाम की जमीन और 20 करोड़ का ‘प्राइम प्लॉट’

कांग्रेस नेताओं ने खुलासा किया कि नालापारा बस्ती (कचना) में मंत्री की पत्नी की कंपनी के पास लगभग 1.33 एकड़ जमीन है। महज 6 से 7 फीट संकरी सड़क पर स्थित इस जमीन की असली कीमत कुछ लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। लेकिन MR-43 नगर विकास योजना के तहत RDA ने इस ‘कौड़ियों की जमीन’ के बदले बलौदा बाजार रोड, सड्डू चौक के पास 45 मीटर (150 फीट) चौड़ी मुख्य सड़क पर 23,327 वर्गफीट का प्राइम प्लॉट (क्रमांक 25) आबंटित कर दिया। सड़क निर्माण के बाद इस भूखंड की कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक होगी।

नियमों की धज्जियां उड़ाकर भ्रष्टाचार का खेल

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50(3)(ii) का स्पष्ट नियम है कि मूल भूमि अधिग्रहित करने के बाद आबंटित किया जाने वाला अंतिम भूखंड मूल जमीन से लगा हुआ होना चाहिए। लेकिन मंत्री की पत्नी को फायदा पहुंचाने के लिए लगभग 1 किलोमीटर दूर व्यावसायिक हब (नेक्सा-स्कोडा शोरूम, रॉयल कैसल होटल के पास) में प्राइम प्लॉट दे दिया गया।

कांग्रेस के 5 तीखे सवाल और उग्र मांगें:

  1. इस्तीफा और FIR: मंत्री केदार कश्यप तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। मंत्री, उनकी पत्नी और जिम्मेदार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार व पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज हो।
  2. हाई-लेवल जांच: पूरे आवंटन मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  3. योजना पर तुरंत रोक: जांच पूरी होने तक इस नगर विकास योजना की पूरी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  4. संसद/कानून का उल्लंघन: नालापारा की संकरी जमीन के बदले 150 फीट चौड़ी रोड का प्लॉट देने का वैधानिक आधार क्या है?
  5. RDA की मंशा पर सवाल: अगर नया रायपुर का विकास प्राथमिकता है, तो कचना-सड्डू इलाके में यह योजना क्यों थोपी जा रही है? गैर-लाभकारी संस्था RDA सैकड़ों करोड़ कमाने के फेर में किसे फायदा पहुंचा रही है?

पत्रकार वार्ता में मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुर सुरेंद्र वर्मा, वंदना राजपूत, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, अजय साहू और मीडिया कोऑर्डिनेटर रिषभ चंद्राकर भी मौजूद रहे।

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