नक्सल पीड़ित 5 परिवारों को सरकारी नौकरी, पुनर्वास नीति से मिली नई राह

छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में सरकार की नीति के तहत पांच परिवारों के पात्र सदस्यों को सरकारी नौकरी दी गई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में कलेक्टर तनुजा सलाम ने नियुक्ति पत्र सौंपे।
27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पांच नक्सल पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई। जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इन पांच लोगों की नियुक्ति आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आश्रमों और छात्रावासों में भृत्य पद पर की गई है। नियुक्ति पाने वालों में रवि दुग्गा, अजय कुमार सलामे, दिलसाय कोरेटी, समीला पूड़ो और पायल ईश्वर पूड़ो शामिल हैं।
सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता प्रदान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकारी नौकरी मिलने से इन परिवारों को नियमित रोजगार और आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
कलेक्टर ने नवनियुक्त कर्मचारियों से सरकारी सेवा में अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की।
नक्सल प्रभावित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी मिलने से पुनर्वास नीति को जमीनी स्तर पर लागू करने का एक और उदाहरण सामने आया है। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक स्थिरता देने की कोशिश की गई है।
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