नईदिल्ली : नीरव मोदी के पास कभी नहीं था एक से ज्यादा पासपोर्ट: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली : फ्रॉड करके देश से भागने वाले अरबपति जूलर नीरव मोदी के एक से ज्यादा पासपोर्ट होने की बात कई दिनों से चर्चा में थी। गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि किसी भी समय मोदी के पास एक से ज्यादा पासपोर्ट नहीं था।

एक ओर जहां यह खबर है थी कि मोदी के पास छह पासपोर्ट थे, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार कहा कि जब भी नीरव मोदी को नया पासपोर्ट दिया गया उसका पुराना पोर्ट फिजिकली कैंसल किया गया। इसके साथ ही मंत्रालय ने साफ किया है कि मोदी के पास एक वक्त पर एक ही वैध पासपोर्ट था।

पासपोर्ट की बात के अलावा कुमार ने यह भी साफ किया कि भारतीय उच्चायुक्तों को मोदी का पासपोर्ट रद करने की खबर फरवरी में ही दे दी गई थी और भारतीय राजदूत जिन भी देशों में सेवारत थे उन्होंने संबंधित देशों को सूचित कर दिया था।
दूसरा, कुछ चुनिंदा देशों के साथ ताजा बातचीत फिर शुरू की गई है।

उन देशों को मोदी का पता लगाने में मदद करने और उसे अपने देश में घुसने की इजाजत नहीं देने को कहा है। कुमार ने कहा, हमने उन देशों को कहा है कि अगर नीरव मोदी उनके देश में रह रहा है तो वे हमें इसकी सूचना दें।

तीसरा, विदेश मंत्रालय को अभी तक मोदी के खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी की जांच कर रही एजेंसियों की ओर से प्रत्यर्पण का अनुरोध नहीं मिला है।

वहीं इसी सप्ताह मुंबई की एक अदालत ने ईडी को प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत दी थी। जांच एजेंसियों ने इस बारे में अभी तक विदेश मंत्रालय से संपर्क नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने बेल्जियम, फ्रांस और यूके जैसे कई देशों को लिखा है, इससे यह बात तो पता चलती है कि संभवत: सरकार को अभी नीरव मोदी के बारे में सटीक जानकारी नहीं है।

इस बीच ऐसी भी अटकलें थीं कि जिनमें यह कहा जा रहा था कि विदेश मंत्रालय ने फॉलोअप नहीं किया है जिससे सीबीआई की जांच प्रभावित हो रही है। इन अटकलों को शांत करने के लिए ही मंत्रालय की ओर से ये जानकारियां दी गई हैं।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जब तक जांच एजेंसियां मोदी की सटीक स्थिति की जानकारी नहीं देतीं तब तक मंत्रालय के हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है। चूंकि इस बारे में अभी तक सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं और शायद इसी वजह से इंटरपोल ने अभी तक रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं किया है।

जानकारों का मानना है कि इंटरपोल की ओर जारी किया गया डिफ्यूजन नोटिस पश्चिमी यूरोपीय देशों जैसे बेल्जियम, फ्रांस और यूके में नीरव मोदी को हिरासत में लेने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

लखनऊ : शताब्दी-राजधानी ट्रेनों में कैटरिंग शुल्क टिकट क्लास पर आधारित : आरटीआई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *