एक देश, दो तारीखें! राम नवमी पर देश में ही ‘कन्फ्यूजन’, कौन सही?

27 मार्च 2026 को पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि मनाई जा रही है, जो धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों में तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, नवमी तिथि सुबह 10:06 बजे तक रही, जिसके बाद दशमी तिथि शुरू हो गई। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में और पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित रहा, जिसे सकारात्मक और शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार यह दिन पूजा-पाठ, आध्यात्मिक गतिविधियों और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है। पुनर्वसु नक्षत्र को मानसिक शांति, दया और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में पंचांग की गणना और परंपराओं के आधार पर त्योहार मनाने की तारीख में अंतर देखने को मिलता है। यही वजह है कि कुछ जगहों पर राम नवमी 26 मार्च को मनाई गई, जबकि कुछ राज्यों में 27 मार्च को।
यह स्थिति लोगों के बीच सवाल खड़ा करती है कि क्या पूरे देश में त्योहारों के लिए एक समान कैलेंडर होना चाहिए या परंपराओं के अनुसार अलग-अलग तिथियां सही हैं।




