ईरान में विरोध की आग, हज़ारों मौतों की आशंका; ट्रंप का ऐलान—‘मदद रास्ते में है’

ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के लिए की गई सख्त कार्रवाई ने देश को खून-खराबे और दहशत के दौर में धकेल दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों के मुताबिक, इस हिंसा में हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
विदेशों में बसे ईरानी नागरिकों ने कई दिनों बाद अपने परिजनों से बातचीत में भयावह हालात का ज़िक्र किया है। बीबीसी फ़ारसी के संवाददाता जियार गोल का कहना है कि इस बार सरकारी कार्रवाई पहले से कहीं ज़्यादा निर्मम रही है और मृतकों की संख्या हज़ारों में हो सकती है। वहीं, रॉयटर्स के अनुसार एक ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने मरने वालों की संख्या लगभग दो हज़ार बताई है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी हालात पर गंभीर चिंता जताई है। जिनेवा में यूएन प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस ने कहा कि विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर सैकड़ों मौतों और हज़ारों गिरफ्तारियों की पुष्टि हुई है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रदर्शन जारी रखें, अत्याचार करने वालों को याद रखें और भरोसा रखें कि “मदद रास्ते में है।” ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकतीं, ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द रहेंगी।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा अधिकारियों ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दी है, जिसमें हवाई हमले, लंबी दूरी की मिसाइल स्ट्राइक, साइबर ऑपरेशन और मनोवैज्ञानिक अभियानों के विकल्प शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने स्पष्ट किया है कि उनका देश बातचीत के लिए भी तैयार है और संघर्ष के लिए भी।
तनाव को और बढ़ाते हुए ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान भी किया है, जिससे पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर होते नज़र आ रहे हैं।




