रोहित शेट्टी फायरिंग केस: गैरेज मैकेनिक निकला लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हथियार सप्लायर, क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा

फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में अब यह साफ हो गया है कि इस वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गहरी साजिश थी।
इस केस में गिरफ्तार आरोपी आसाराम फसाले की भूमिका बेहद अहम पाई गई है। पुणे निवासी आसाराम बीते चार सालों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए गैरेज मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था, लेकिन असल में वही हथियार सप्लाई करने वाला मुख्य किरदार निकला।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आसाराम फसाले बाबा सिद्दीकी मर्डर केस और रोहित शेट्टी फायरिंग केस के कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर से प्रभावित होकर गैंग में शामिल हुआ था। शुभम लोनकर के निर्देश पर ही आसाराम ने हथियार स्वप्निल साकट को सौंपे, जिनका इस्तेमाल रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग में किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि हमले से करीब 10 दिन पहले रोहित शेट्टी के घर और पूरे जुहू इलाके की बारीकी से रेकी की गई थी। हमलावरों ने जानबूझकर रात का समय चुना, ताकि वारदात के बाद फरार होना आसान हो सके।
अब तक की जांच में पुलिस का दावा है कि यह हमला रंगदारी वसूलने की नीयत से किया गया था। फिलहाल इस केस में कुल पांच आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जिन्हें कोर्ट ने 11 फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया है।



