छठी ट्रॉफी बनाम 28 साल का इंतज़ार! U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंडिया-इंग्लैंड की महामुकाबले की तैयारी

ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे बड़े पड़ाव पर पहुंच चुका है, जहां पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम फाइनल में इंग्लैंड से दो-दो हाथ करेगी। यह मुकाबला सिर्फ एक ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि दबदबे, इतिहास और भविष्य के सितारों की पहचान के लिए होगा। हरारे के मैदान पर यह हाई-वोल्टेज फाइनल दोपहर 1 बजे से खेला जाएगा।
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत ने लगातार छठी बार फाइनल में पहुंचकर अंडर-19 क्रिकेट में अपनी बादशाहत को और मजबूत किया है। टूर्नामेंट के पहले मैच से लेकर सेमीफाइनल तक टीम इंडिया हर विभाग में संतुलित और आक्रामक नजर आई है। खासकर बल्लेबाजी की गहराई भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत और मिडिल ऑर्डर की स्थिरता ने विरोधी गेंदबाजों की रणनीति बिगाड़ दी है। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 311 रन का लक्ष्य हासिल करना इस बात का सबूत है कि यह टीम दबाव में भी निखरकर खेलती है। आरोन जॉर्ज की शतकीय पारी और कप्तान म्हात्रे की सूझबूझ ने भारत को खिताब का प्रबल दावेदार बना दिया है।
दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम 1998 के बाद पहली बार ट्रॉफी उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान थॉमस रीव ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक सोच के साथ टीम का नेतृत्व किया है। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी 110 रनों की कप्तानी पारी ने इंग्लैंड के आत्मविश्वास को नई उड़ान दी है।
रीव और बेन मेयस की बल्लेबाजी इंग्लैंड की रीढ़ है, जबकि तेज गेंदबाज मैनी लम्सडेन नई गेंद से भारत के टॉप ऑर्डर के लिए खतरा बन सकते हैं।
फाइनल से पहले खेले गए वार्म-अप मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जिससे उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर मिलेगी। हालांकि फाइनल का दबाव और माहौल बिल्कुल अलग होगा, जहां भारत उस हार का हिसाब चुकता करने उतरेगा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार रही है। यहां बड़े स्कोर बने हैं और लक्ष्य का पीछा करना आसान साबित हुआ है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। कुल मिलाकर, फैंस को एक रोमांचक, हाई-स्कोरिंग और यादगार फाइनल देखने को मिल सकता है।




