मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन्माष्टमी उत्सव में की शिरकत, दही-हांडी तोड़कर निभाई परंपरा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव और दही-हांडी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और भगवान कृष्ण से सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दही-हांडी तोड़कर पारंपरिक परंपरा निभाई और राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों को मिठाई खिलाकर स्नेह जताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे पवित्र प्रदेश का निवासी होना हम सबका सौभाग्य है, जो भगवान राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति को और सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। भोरमदेव मंदिर समेत प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और तीर्थ स्थलों के समग्र विकास पर काम किया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के जरिए श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थलों तक पहुँचने की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने इस भव्य आयोजन के सफल आयोजन के लिए बसंत अग्रवाल और उनकी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक किरण देव और पवन साय ने भी श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, महापौर मीनल चौबे, राजीव लोचन महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।