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मोटे अनाज से बने बेकरी उत्पादों की ट्रेनिंग: 25 ग्रामीण महिलाएं हुईं सशक्त, रोजगार के नए अवसर खुले

रायपुर। एनआईएफ़टीईएम के छात्रों ने मोटे अनाज में मौजूद फ़ाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स के महत्व को सरल ढंग से समझाते हुए बताया कि इनका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी गई कि मोटे अनाज आधारित खाद्य उत्पाद बनाकर किस तरह आमदनी बढ़ाई जा सकती है और इनकी बाज़ार में संभावनाएं क्या हैं।

जशपुर स्थित महुआ पर स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में आयोजित इस हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग में स्व-सहायता समूह की 25 महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को नानखटाई, न्यूट्री बार और कुकीज़ जैसे बेकरी उत्पाद मोटे अनाज से बनाने की विधि सिखाई गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में पोषण स्तर को बढ़ाने के साथ-साथ मोटे अनाज से बने उत्पादों को प्रोत्साहित कर स्थानीय महिलाओं के लिए आय और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

एनआईएफ़टीईएम की टीम स्थानीय स्तर पर उत्पाद विकास, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है ताकि ग्रामीण महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से जोड़ा जा सके। यह पहल ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित हो रही है।

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