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सरकार का बड़ा ऐलान बिना डॉक्यूमेंट गिने जाएंगे लोग क्या छिपेगा सच

भारत सरकार ने 2027 की जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि लोगों को कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
सरकार ने साफ किया है कि इस बार डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी जाएगी, जिसके जरिए नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। यह सुविधा निर्धारित समय से पहले 15 दिन तक उपलब्ध रहेगी।
इस पहल का उद्देश्य डेटा कलेक्शन को आसान बनाना और ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। लेकिन बिना दस्तावेज के डेटा लेने पर सवाल भी उठ रहे हैं कि इससे गलत जानकारी की संभावना बढ़ सकती है।
सरकार का मानना है कि यह सिस्टम आधुनिक तकनीक के जरिए ज्यादा प्रभावी होगा और पारंपरिक जनगणना की तुलना में तेज और सटीक डेटा देगा।




