छत्तीसगढ़ में जेलों का सच आया सामने कोर्ट सख्त 33 मौतों के बाद बड़ा आदेश

छत्तीसगढ़ में जेल व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राज्य की हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताते हुए सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की विभिन्न जेलों में एक साल के भीतर 33 कैदियों की मौत हो चुकी है, जिसे लेकर न्यायपालिका ने स्वतः संज्ञान लिया है।
कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए जेल महानिदेशक से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए गए हैं, जहां 33 में से 22 मामलों की रिपोर्ट अभी तक लंबित बताई गई है। यह स्थिति जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इसके अलावा हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन बनाने के आदेश भी दिए हैं, ताकि कैदियों को सुधारात्मक माहौल मिल सके और पुनर्वास की प्रक्रिया मजबूत हो सके। कोर्ट ने राज्य सरकार को समयबद्ध योजना तैयार करने और निगरानी समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला अब केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं बल्कि मानवाधिकार से जुड़ा मुद्दा बन गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस पर रिपोर्ट मांगी है।




