“UN में अमेरिका घिरा, वेनेजुएला मुद्दे पर लगेगा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध?”

वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद United Nations में अभूतपूर्व हलचल देखने को मिल रही है। UN Security Council की आपात बैठक में अमेरिका की भूमिका पर तीखी बहस हुई।
रूस और चीन ने इस कार्रवाई को “खुला आक्रमण” बताते हुए कहा कि यदि इसे रोका नहीं गया तो वैश्विक व्यवस्था कमजोर पड़ जाएगी। कई अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देशों ने भी अमेरिका से जवाब मांगा है।
अमेरिका ने अपना बचाव करते हुए कहा कि यह कदम वेनेजुएला में मानवाधिकार उल्लंघन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए उठाया गया। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह तर्क पहले इराक और लीबिया में भी दिया गया था, जिसके परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है।
राजनयिकों के अनुसार, अगर मामला और बिगड़ा तो अमेरिका के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है, हालांकि वीटो पावर के कारण उस पर अमल आसान नहीं होगा।
यह विवाद संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े करता है — क्या UN वास्तव में शक्तिशाली देशों को नियंत्रित कर सकता है, या फिर यह सिर्फ एक बहस का मंच बनकर रह गया है?




