छत्तीसगढ़

मुसीबतों से लड़ आत्मनिर्भर बनी समूह की महिलायें

जिले की महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्व सहायता समूहों को जोड़कर गौठान में ही विभिन्न गतिविधियों के तहत् आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ऐसा ही काम नारायणपुर जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत बड़ेजम्हरी के ग्राम कोचवाही में किया जा रहा है। जहां समूह की महिलाओं को गौठान में आर्थिक गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रोत्साहित कर गौठान में बिस्किट निर्माण, आचार  निर्माण, लड्डू निर्माण, सीमेंट पोल, पेवर ब्लाक और फैसिंग तार आदि  का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य में मां शीतला स्व-सहायता समूह, मां दन्तेश्वरी स्व-सहायता समूह और सारा स्व-सहायता समूह को जोड़ा गया है।
समूह की अध्यक्ष संगोती करंगा से बातचीत करने पर उसने बताया कि ग्राम पंचायत बडे़जम्हरी के आश्रित गांव कोचवाही में समूह की महिलाओं द्वारा सीमेंट पोल, पेवर ब्लॉक टाईल्स फैंसिंग तार बनाने का कार्य समूह के माध्यम से किया जा रहा है। समूह द्वारा अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष-2015 में बैंक से लोन लिया गया था, किन्तु उनके कार्य में प्रगति नहीं होने के कारण वे बैंक का लोन भी नही चुका पा रहे थी। उन्हें लाभ नहीं हो पा रहा था, वे बड़ी मुशीबत में आ गयी थी। समूह की महिलाओं की मदद करने करने का जिम्मा जनपद पंचायत नारायणपुर ने उठाया, और समूह की छोटी-छोटी सहायता कर उनकी स्थिति में सुधार लाया। सहायता मिलने से उन्हें कुछ पायदे होने लगे और उनके कार्य में सुधार हुई।
इन तीन समूहों को संचालित करने वाली मुख्य समूह की अध्यक्ष संगोती करंगा जो हर मुशीबत को लड़ने लगी। वह हार न मानी और पुरे समूहों को जोड़कर रखी टुटने नहीं दी वर्ष- 2018-2019 में वे केवल कार्य पर ध्यान देने लगे और वर्ष- 2020-21 में वे बैंक के कर्ज से भी मुक्त हो गये वे बैंक से 6 लाख रूपये के कर्ज में थे। जो तीन साल तक उनके लगान और मेहनत एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मदद से वे दो साल में 1 लाख 80 हजार रूपये कमा चुके है। जिनकी मासिक आय प्रति सदस्य को 6 से 7 हजार रूपये तक हो गई है, और उनके जीवन में खुशहाली आ गई है। और उनका जीवन स्तर में सुधार आ गया है। और अपने जीवन में आगे ही आगे बढ़ते जा रही है।

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