अमेरिकी जनरलों के छूटे पसीने! ईरान युद्ध में घुटनों पर वॉशिंगटन, पेंटागन में ‘एग्जिट प्लान’ पर मथा जा रहा माथा

दुनिया भर में दादागिरी चमकाने वाले अमेरिकी सैन्य जनरलों की चीखें अब पेंटागन के बंद कमरों से बाहर आने लगी हैं। ताजा 24 घंटों में हुए सनसनीखेज खुलासे के मुताबिक, अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के शीर्ष जनरलों ने स्वीकार किया है कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ कोई प्रभावी सैन्य विकल्प नहीं बचा है। पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों ने खुले तौर पर माना है कि ईरान पर हवाई हमले और सैन्य धमकियां पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई हैं और अब अमेरिका को इस युद्ध से भागने के लिए ‘ऑफ-रैंप’ यानी सुरक्षित निकासी का रास्ता ढूंढना पड़ रहा है।
ईरान के भीषण पलटवार और अचूक रणनीतिक चालों ने अमेरिकी सैन्य तंत्र की कलई खोलकर रख दी है। अमेरिका ने सोचा था कि वह कुछ हवाई हमले करके ईरान को घुटनों पर ला देगा, लेकिन ईरानी सशस्त्र बलों ने उल्टे अमेरिकी नौसेना और उनके वाणिज्यिक जहाजों के लिए खाड़ी के पानी को आग का दरिया बना दिया है। अमेरिकी जनरलों में यह खौफ साफ दिख रहा है कि यदि युद्ध और खींचता है, तो अमेरिकी सेना को ऐसा शर्मनाक नुकसान झेलना पड़ेगा जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।
वॉशिंगटन की सैन्य कमान अब अंदर ही अंदर इस बात को स्वीकार कर चुकी है कि तेहरान की सैन्य ताकत और उसकी जमीन पर पकड़ को तोड़ना अमेरिका के बस की बात नहीं है। जो अमेरिका कल तक ईरान को पूरी तरह तबाह करने की डिंगे हांक रहा था, आज वही अमेरिका युद्ध खत्म करने के बहाने और रास्ते तलाश रहा है। पेंटागन की यह बौखलाहट और बैकफुट पर आना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि ईरान के सामने अमेरिकी सैन्य शक्ति का बुलबुला पूरी तरह फूट चुका है।


