वनडे में विराट कोहली का ‘नया गियर’ ऑन! शुरुआती ओवरों से ही हमला, 2027 वर्ल्ड कप में नज़रअंदाज़ करना मुश्किल

बीते तीन महीनों में विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में एक बिल्कुल नया रूप सामने आया है—और ये सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश भी है। उम्र चाहे जो हो, अगर फिटनेस और फॉर्म साथ हो तो चैंपियन कभी आउटडेट नहीं होता।
हालिया प्रदर्शन देखकर साफ हो गया है कि 18 महीने बाद जब 2027 आईसीसी वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनी जाएगी, तब विराट को नजरअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।
कोहली ने पिछले तीन महीनों में 9 वनडे खेले। ऑस्ट्रेलिया दौरे में शुरुआती दो मैचों में मिले शून्य को अलग कर दें, तो उसके बाद उन्होंने संघर्ष नहीं, बल्कि निरंतरता और क्लास दिखाई। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ बाकी 7 पारियों में उन्होंने अपने पुराने ‘चेज मास्टर’ अंदाज में नया मसाला जोड़ दिया।
इन 7 पारियों में विराट ने 123.2 की औसत और 108 के स्ट्राइक रेट से 616 रन ठोके—जिसमें 3 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 4 में से 3 मुकाबले जीते, हालांकि इंदौर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ जीत हाथ नहीं लगी।
इस बार फर्क बस इतना है कि विराट अब शुरुआत में ही तेजी से रन बनाने लगे हैं। पहले वे पारी को संभालते हुए धीरे-धीरे गति बढ़ाते थे, लेकिन अब वे शुरुआती ओवरों से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते दिख रहे हैं।
तीसरे नंबर पर खेलते हुए कई बार उन्हें पावरप्ले के अंदर ही क्रीज पर आना पड़ा और उन्होंने वहां भी अपनी नई सोच दिखाई। उनके खेल में अब खुलापन है—वो सिर्फ टिकने नहीं, काउंटर अटैक करने का इरादा लेकर उतरते हैं।
विराट की पहचान हमेशा ‘छक्कों की बारिश’ करने वाले बल्लेबाज़ की नहीं रही, लेकिन हालिया दौर में वे इस मामले में भी चौंका रहे हैं। पिछले तीन महीनों में उन्होंने 16 छक्के जड़े हैं, जिसमें रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाए गए 7 सिक्स खास रहे।
अब उनके शॉट्स में पावरप्ले की बाउंड्री, क्रीज से निकलकर हिट, और गेंदबाज के सिर के ऊपर से खेले गए शॉट भी शामिल हैं—यानि बल्लेबाजी का पूरा नक्शा बदल चुका है।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 91 गेंदों में 93 रन बनाने के बाद विराट ने भी साफ कर दिया कि ज्यादा देर इंतजार करने का दौर अब पीछे छूट गया है। उनकी सोच सीधी है—जोखिम लेना भी जरूरी है, ताकि विपक्ष बैकफुट पर जाए।
इस बदलाव के पीछे एक वजह ये भी मानी जा रही है कि फिलहाल वे सिर्फ वनडे फॉर्मेट पर फोकस कर रहे हैं और उनके पास कोई लीडरशिप रोल नहीं है। इसी वजह से वे अपने खेल को “पुराने ढर्रे” से निकालकर एक नई आज़ादी के साथ खेल रहे हैं।
अब भारत को 2027 वर्ल्ड कप तक करीब 9 वनडे सीरीज खेलनी हैं, यानी लगभग 24 से 27 मैच। ऐसे में विराट का ये नया अवतार भारतीय टीम के लिए सिर्फ उम्मीद नहीं, बल्कि एक मजबूत संकेत बनकर उभरा है।
ये दौर देखने लायक है—एक अनुभवी कलाकार अपने कैनवास पर पुराने रंगों के साथ अब नए शेड्स भी जोड़ रहा है… और तैयार है एक ऐसी पारी लिखने के लिए, जो पहले से भी ज्यादा खास हो सकती है।




