महाराष्ट्र के 27 नगर निगमों में आज मतदान, BMC पर टिकी नजरें; महायुति की साख दांव पर

आज 15 जनवरी, गुरुवार को महाराष्ट्र की सियासत एक अहम मोड़ पर खड़ी है। राज्य के 27 नगर निगमों के लिए मतदान हो रहा है और सबसे ज्यादा चर्चा बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की है, जिसे सत्ता की कुंजी माना जाता है। शहरी राजनीति का मिजाज तय करने वाले इन चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन अपनी पकड़ बरकरार रखने की कोशिश में है।
भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बने महायुति गठबंधन ने पिछले चुनावों में कई बड़े नगर निगमों पर कब्जा जमाया था। पुणे, नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़, मीरा-भयंदर और जलगांव जैसे शहरों में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि ठाणे पर शिवसेना का वर्चस्व रहा। 227 सीटों वाला BMC भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन के नियंत्रण में रहा।
विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस ने भिवंडी-निजामपुर और नांदेड़-वाघाला में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, लेकिन तब की अविभाजित एनसीपी किसी भी निगम में सीधी जीत दर्ज नहीं कर पाई। बाद में शिवसेना और एनसीपी के विभाजन से राजनीतिक समीकरण बदले, हालांकि 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद महायुति ने राज्य स्तर पर सत्ता कायम रखी।
मतदान से पहले ही महायुति को बढ़त के संकेत मिले हैं। गठबंधन ने 64 से 69 सीटें निर्विरोध जीत ली हैं। इनमें भाजपा की 43-44 सीटें शामिल हैं—कल्याण-डोंबिवली में 15 और भिवंडी, पनवेल व जलगांव में छह-छह सीटें। शिवसेना (शिंदे) ने 22 सीटों पर कब्जा किया, जिनमें ठाणे की सात सीटें अहम हैं, जबकि एनसीपी को अहमदनगर में दो सीटें मिली हैं।
अब नजरें नतीजों पर टिकी हैं। ये चुनाव तय करेंगे कि महाराष्ट्र के शहरी इलाकों में विकास, स्थानीय मुद्दों और गठबंधन राजनीति के बीच जनता किसे अपना समर्थन देती है और आने वाले समय में किस विचारधारा का दबदबा रहेगा।



