वाशिंगटन : आधार से प्राइवेसी को कोई खतरा नहीं : बिल गेट्स

वाशिंगटन : माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने गुरुवार को कहा कि भारत की आधार प्रौद्योगिकी से निजता को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने इसे दूसरे देशों में ले जाने को लेकर विश्वबैंक को वित्त पोषण उपलब्ध कराया है, क्योंकि यह एक बेहतर चीज है। गेट्स ने कहा कि इंफोसिस के संस्थापक और यूआईडीएआई के पूर्व प्रमुख नंदन निलेकणि इस परियोजना पर विश्वबैंक को परामर्श और मदद कर रहे हैं।
विश्वबैंक को वित्त पोषण उपलब्ध कराया है
निलेकणि को आधार का ढांचा तैयार करने के लिए जाना जाता है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत की आधार प्रौद्योगिकी को दूसरे देशों में अपनाना उपयोगी होगा। माइक्रोसॉफ्ट संस्थापक ने एक साक्षात्कार में कहा, आधार-पहचान के फ ायदें बहुत अधिक हैं। भारत में एक अरब से अधिक लोगों ने आधार के लिए अपना पंजीकरण कराया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक आईडी प्रणाली है।
भारत की आधार प्रौद्योगिकी को दूसरे देशों में अपनाना उपयोगी होगा
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, देशों को इसे अपनाना चाहिए, क्योंकि राजकाज की गुणवत्ता काफी महत्वपूर्ण है। यह इससे जुड़ा है कि कितनी तेजी से देश अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं और अपने लोगो को सशक्त करते हैं। गेट्स ने कहा, हमने आधार को दूसरे देशों में ले जाने के लिए विश्वबैंक को वित्त पोषण उपलब्ध कराया है।
अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं और अपने लोगो को सशक्त करते हैं
ऐसा माना जा रहा है कि कई देशों ने भारत से इस मामले में मदद के लिए संपर्क साधा है। इसमें भारत के पड़ोसी देश भी शामिल हैं। भारत में कुछ तबकों द्वारा आधार से निजता के मुद्दे को उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, आधार से गोपनीयता को लेकर कोई समस्या नहीं है क्योंकि यह केवल बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन योजना है।