जशपुर में विकास कार्यों की मैराथन समीक्षा, प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह और अन्य जिला अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। राजस्व मामलों में ऑनलाइन पंजीयन और रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित आवास निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने तथा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और कम भूजल स्तर वाले गांवों में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी महाविद्यालय सहित अन्य संस्थानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कृषि क्षेत्र में खाद-बीज उपलब्धता, फसल रकबा और भंडारण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए दलहन, तिलहन, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। साथ ही किसानों को कृषि और संबद्ध व्यवसायों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से ऐसे वृद्ध, दिव्यांग और असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए जो बैंक तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित 35 शिविरों में 15,846 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 11,205 का निराकरण किया जा चुका है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में स्वीकृत 1.12 लाख से अधिक आवासों में से 93 हजार से ज्यादा आवास पूरे हो चुके हैं।
बैठक में मनरेगा, ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, जल संसाधन, वन, आदिम जाति कल्याण और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना समेत अनेक विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।



