रायपुर में सूदखोरी का खेल: 2 लाख का कर्ज, 35 लाख की वसूली

रायपुर। राजधानी में कंस्ट्रक्शन मटेरियल सप्लायर भोपाल मणि साहू ने आरोप लगाया है कि सूदखोर रोहित तोमर ने उससे 2 लाख के बदले करीब साढ़े 30 लाख रुपए वसूल लिए। साहू ने पुरानी बस्ती थाने में दर्ज FIR में बताया कि उसने दिसंबर 2022 में 3% मासिक ब्याज दर पर कर्ज लिया था, लेकिन आरोपी ने उससे कोरे स्टांप पेपर पर दस्तखत करवा लिए और हर दिन ब्याज की मांग करने लगा।
साहू का आरोप है कि रोहित तोमर और उसके साथी दिव्यांश, आकाश, योगेश सिन्हा अक्सर उसके घर आकर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते थे। कई बार उसे भाटागांव के साईं विला में भी बुलाकर डराया-धमकाया गया। पीड़ित का कहना है कि कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए करीब 35 लाख रुपए तक वसूले गए।
रोहित तोमर के खिलाफ रायपुर के अलग-अलग थानों में पहले से ही 7 केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में वह हिस्ट्रीशीटर है और करीब डेढ़ महीने से फरार है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस के मुताबिक रोहित तोमर और उसके गिरोह के गुर्गों ने शहर में कई लोगों को सूदखोरी के जाल में फंसाया। पीड़ित डर के मारे शिकायत तक नहीं कर पा रहे थे। हाल ही में पुलिस ने रोहित और उसके भाई वीरेंद्र के खिलाफ सख्ती शुरू की तो कई लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचने लगे।
इससे पहले पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में नारायणपुर के एक पीड़ित ने भी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसने 10 लाख रुपए कर्ज लिया था लेकिन सूदखोरी के नाम पर उससे करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए वसूल लिए गए।
गौरतलब है कि रोहित तोमर का नाम एक साल पहले रायपुर के चर्चित हाइपर क्लब गोलीकांड में भी आया था। उस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने सिर आधा मुंडवाकर और फटे कपड़ों में जुलूस निकालते हुए थाने लाया था। उस घटना के बाद रोहित तोमर, विकास अग्रवाल, सारंग मांधान और अमित तनेजा जेल भेजे गए थे।




