बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज़ — प्रशासन को हर पीड़ित परिवार तक पहुंचने के निर्देश

रायपुर। बस्तर संभाग में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को हर प्रभावित परिवार तक बिना विलंब सहायता पहुंचाने के लिए कहा गया है, जिससे संकट की इस घड़ी में लोगों को यह विश्वास हो कि शासन उनके साथ खड़ा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा ज़िलों के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में बाढ़ से हुई जनहानि, पशुहानि और आवासों के नुकसान की तत्काल भरपाई पर ज़ोर दिया गया। प्रभावितों को राहत राशि, तिरपाल, बाँस-बल्ली और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक अमले को बाढ़ग्रस्त गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति की पुनर्बहाली का कार्य युद्धस्तर पर करने के निर्देश मिले हैं। प्रभारी सचिवों को ज़िलों का दौरा कर राहत कार्यों का स्थायी निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े, सूखा राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में कोई कमी न हो। जरूरत पड़ने पर शासन से अतिरिक्त सहयोग के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजने की बात भी कही गई।
राजस्व सचिव द्वारा अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि सभी प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन भेजा जा चुका है और सामग्री वितरण जारी है। कलेक्टरों ने जानकारी दी कि अधिकांश क्षेत्रों में जलस्तर घट रहा है और स्थिति नियंत्रण में है।
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग, बस्तर संभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस रहा — पीड़ितों को शीघ्र राहत, बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्वास कार्यों की निगरानी।