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09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ में केंद्रीय टीम का दौरा, पशुधन योजनाओं के क्रियान्वयन की सराहना

Central team visits Chhattisgarh from February 9 to 14, appreciates implementation of livestock schemes

रायपुर। भारत सरकार द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों का दल 09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहा। इस दौरान टीम ने पशुधन विकास विभाग की केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की जमीनी स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया। दल ने दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया तथा पशुपालकों से सीधे संवाद स्थापित किया। निरीक्षण के बाद टीम ने राज्य में योजनाओं के प्रभावी संचालन की सराहना की।

प्रवास के प्रथम चरण में संचालनालय स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव सहित भारत सरकार के नोडल अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। इसके बाद टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण गतिविधियों, प्रयोगशालाओं और पशु प्रजनन प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। बालोद जिले के गुण्डरदेही और डौंडी विकासखंड में बिहान योजना से जुड़ी 35 पशु सखियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली समझी गई।

उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत संचालित बकरी पालन इकाइयों, हैचरी यूनिटों और दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। दुर्ग स्थित दुग्ध संघ संयंत्र में दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, घी और मक्खन निर्माण की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। साथ ही पशु चिकित्सालयों और मोबाइल वेटेरिनरी इकाइयों में दवाइयों व उपकरणों की उपलब्धता की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत टीम ने अंजोरा (दुर्ग) स्थित पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय का भ्रमण कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी ली। साथ ही ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. प्रयोगशाला और रिफ्रेशर प्रशिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया गया।

नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत दुर्ग, बेमेतरा और बालोद जिलों में संचालित बकरी इकाइयों और हैचरी यूनिटों का अवलोकन किया गया। वहीं नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट के अंतर्गत उरला (दुर्ग) स्थित छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ प्लांट और विभिन्न दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण किया गया।

लाइवस्टॉक हेल्थ एवं डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत कोल्ड चेन उपकरणों, टीकाकरण सामग्री और दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। दौरे के दौरान जिला स्तरीय पशु मेले में भी टीम ने सहभागिता कर पशुपालकों से योजनाओं के लाभ पर चर्चा की।