गरियाबंद में विकास योजनाओं की कसौटी: प्रमुख सचिव ने ली जमीनी हकीकत की समीक्षा बैठक

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने शुक्रवार को गरियाबंद जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में संचालित प्रमुख शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की प्रगति पर बारीकी से चर्चा हुई।
समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, एनआरएलएम के प्रबंध संचालक अश्विनी देवांगन, विभाग के उप सचिव सच्चिदानंद आलोक, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पंचायत एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा राज्यपाल द्वारा गोद लिए गए ग्राम बिजली की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिक योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुँचना चाहिए। विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति, निर्माण और भुगतान की स्थिति की सतत निगरानी करने तथा लक्ष्य के अनुसार आवास समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। मनरेगा के अंतर्गत श्रम दिवस सृजन, जल संरक्षण और आजीविका से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और सटीक रिकॉर्ड रखने पर बल दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन की समीक्षा की गई, वहीं जल जीवन मिशन में घरेलू नल कनेक्शन, सुरक्षित पेयजल आपूर्ति और मरम्मत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और यांत्रिकी विभाग के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वोपरि है तथा दिए गए निर्देशों के पालन की लगातार समीक्षा की जाएगी।




