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गणतंत्र दिवस पर पशुपालन की झांकी बनी आकर्षण, एकीकृत मॉडल से किसानों को मिला आत्मनिर्भरता का संदेश

रायपुर। एकीकृत पशुपालन अपनाकर जिले के लघु और सीमांत किसान अपनी आमदनी के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसी सोच को साकार करती पशुपालन विभाग की झांकी ने गणतंत्र दिवस समारोह में दर्शकों का ध्यान खींचा। सुनियोजित मैदानी अमलों और विभागीय मार्गदर्शन के चलते योजनाओं का लाभ पशुपालकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है।

झांकी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित एकीकृत पशुपालन मॉडल दिखाया गया, जिसमें सीमित स्थान में सालभर दूध, अंडा और मांस उत्पादन कर कृषि के साथ अतिरिक्त आय विकसित करने का संदेश दिया गया।
प्रदर्शन में गिर और साहीवाल नस्ल की गायें, असील, कड़कनाथ और सोनाली मुर्गी, जापानी बटेर, जमुनापारी बकरा तथा खाखी कैम्पवेल बत्तख शामिल रहीं। साथ ही सुपर नेपीयर, जई और बरसीम जैसे हरे चारे की उपयोगिता को भी रेखांकित किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

निर्णायक समिति ने पशुपालन विभाग की झांकी को तृतीय स्थान से सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिए उपासना साहू, अर्चना एवलिन केरकेट्टा (वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी), एल.एल. साहू, प्रकाश पण्डा (सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी), लता टण्डन और चित्रलेखा पटेल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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