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थाने से 500 मीटर दूर गौ-मांस का अड्डा! सारंगढ़ में 70 किलो बरामद, मास्टरमाइंड फरार

रायपुर। सारंगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित स्वीपर मोहल्ले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गौ-मांस तस्करी के एक सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 70 किलोग्राम गौ-मांस जब्त किया और मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड वीरेंद्र रात्रे सहित पांच अन्य आरोपी पुलिस पहुंचने से पहले फरार हो गए।

यह कार्रवाई गौ माता सेवा समिति की शिकायत के बाद की गई। पुलिस को लंबे समय से इलाके में गौ-मांस तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। 6 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे पुख्ता जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने स्वीपर मोहल्ले में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कई घरों के ताले तोड़कर तलाशी ली गई, जहां से भारी मात्रा में गौ-मांस का जखीरा बरामद हुआ।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ महीने पहले भी इसी मोहल्ले में इसी तरह की कार्रवाई हुई थी, लेकिन उस वक्त भी मुख्य सरगना पुलिस की पकड़ से बाहर रह गया था। इस बार भी पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वीरेंद्र रात्रे और उसके करीबी सहयोगी फरार हो गए।

मामले में कुल आठ आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में संतोष प्रेमी, विजय कुमार और मोहन खूंटे शामिल हैं। वहीं फरार आरोपियों में वीरेंद्र रात्रे, सुखबाई मिरी, फूलबासन, जानकी और कन्हैया के नाम सामने आए हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में अवैध कब्जे वाले कई घरों को गौ-मांस के अवैध कारोबार का केंद्र बना दिया गया था। कुछ घरों में गौ-मांस को सुखाकर भी रखा जाता था और इसे अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया जा रहा था। लोगों का कहना है कि कई मकान अघोषित कसाईखाने में तब्दील हो चुके हैं, जिससे पूरे इलाके का माहौल खराब हो गया है।

मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जे में बने ऐसे घरों पर सख्त कार्रवाई हो और गौ-मांस के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि कड़ी कार्रवाई से ही इस तरह के अवैध धंधों पर प्रभावी रोक लग सकती है।

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