नवा रायपुर में जाति प्रमाणीकरण मामलों की सख्त समीक्षा, 10 प्रकरणों पर हुई सुनवाई

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में कुल 10 प्रकरणों की समीक्षा और सुनवाई की गई, जिनमें से 8 मामले जाति जांच से जुड़े थे और पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए।
समिति ने 4 मामलों में गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने का निर्देश देते हुए आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इन मामलों में डीजे स्तर और ग्रामीण विकास विभाग के ईएनसी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। दो प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई, जिनमें संबंधित पक्षकारों को 10 दिनों के भीतर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
एक मामले में विजिलेंस टीम को पुनः स्थल निरीक्षण कर सामाजिक स्थिति और अन्य तथ्यों की गहन जांच कर 45 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 3 मामलों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को अंतिम अवसर देते हुए अगली बैठक में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है।
समिति नियमित अंतराल में बैठक कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से जुड़े मामलों का निपटारा कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़े मामलों पर भी नियमानुसार पारदर्शी और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में विभागीय अधिकारियों, सदस्यगण और विजिलेंस टीम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 के तहत गठित 7 सदस्यीय समिति अर्द्ध-न्यायिक स्वरूप में निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।




