युद्ध से कांपा वैश्विक बाजार: तेल 100 डॉलर पार, एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। 9 मार्च 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 114 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लगभग 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में जारी युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित खतरे के कारण बाजारों में घबराहट का माहौल है।
तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई और ऑस्ट्रेलिया के स्टॉक एक्सचेंज में एक ही दिन में लगभग 130 अरब डॉलर का नुकसान बताया गया। निवेशकों में महंगाई बढ़ने और वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई है।
ऊर्जा बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि यदि मध्य पूर्व का संकट लंबा खिंचता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। तेल आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा से पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा है।



