खनन प्रभावित इलाकों को मिलेगा बड़ा फायदा: डीएमएफ फंड के नए नियमों से विकास को मिलेगी रफ्तार

रायपुर। कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना और डीएमएफ नियमों में हुए अहम बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार अब केवल वही जिले डीएमएफ निधि के पात्र होंगे, जहां वास्तविक रूप से खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के इलाके को प्रत्यक्ष प्रभावित और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित मानते हुए ग्रामों की सूची तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गई है।
फंड के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा, जबकि शेष राशि बुनियादी ढांचे के विकास पर व्यय होगी।
बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता दी जाए और वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लंबित प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृति दी जाए।
जनप्रतिनिधियों ने भी विकास कार्यों को लेकर अपने सुझाव रखे। विधायक भईया लाल राजवाड़े ने अधिकारियों से समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने की अपील की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर डी.डी. मण्डावी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




