डिजिटल क्रांति की ओर कदम: कोंडागांव के किसानों को मिली ‘डिजिटल किसान किताब’ की सौगात

रायपुर। राज्य शासन की डिजिटल पहल अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। कोंडागांव जिले के किसानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से ‘डिजिटल किसान किताब’ उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में हाल ही में ग्राम जामगांव में आयोजित शिविर के दौरान राजस्व विभाग ने 59 किसानों को यह डिजिटल किताब सौंपी।
यह नई व्यवस्था पारंपरिक कागजी किसान किताब की जगह ले रही है, जिससे किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी पाने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डिजिटल किसान किताब के जरिए किसान कहीं भी और कभी भी अपनी भूमि का रिकॉर्ड ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
यह सुविधा ‘भुइया पोर्टल’ पर उपलब्ध है, जहां सभी आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहते हैं। इससे जानकारी में पारदर्शिता बनी रहती है और संशोधन की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है। खास बात यह है कि पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज मिलने से इसकी वैधता भी पूरी तरह सुनिश्चित होती है।
इस पहल से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी तेजी और सुविधा मिलेगी। डिजिटल व्यवस्था के जरिए अब खेती-किसानी से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो रही हैं।




