जशपुर समीक्षा बैठक: स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनजातीय विकास पर विशेष जोर, नवाचार और खेती सुधार को मिले निर्देश

रायपुर। जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए संभावित टीबी मरीजों की पहचान और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच और उपचार की सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को मेडिकल कॉलेज और एम्स में बेहतर इलाज मिल सके।
सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने पर जोर दिया गया। पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजातियों के लिए हर महीने मेडिकल कैंप आयोजित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही गई।
महिलाओं के आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों को असम और ओडिशा भेजकर हस्तकला में नए डिजाइन और बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, वहीं जल संरक्षण के तहत डबरी निर्माण और पुराने कुओं के जीर्णोद्धार पर भी जोर दिया गया।
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अमृत सरोवर, सोकपिट जैसे कार्य किए जा रहे हैं। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में जिला ग्रंथालय सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक संचालित हो रहा है, जहां छात्रों को मुफ्त वाई-फाई और हजारों किताबों की सुविधा मिल रही है।
इसके अलावा 7 अप्रैल से “अन्वेषण कार्यक्रम” के तहत छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने की पहल भी की जा रही है।




