वनांचल में पहुँची विकास की रोशनी: धमतरी के दूरस्थ गाँवों में जनजातीय गरिमा उत्सव बना राहत और भरोसे का अभियान

रायपुर। धमतरी जिले के सुदूर वनांचल इलाकों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाया गया विशेष अभियान “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। 18 से 25 मई 2026 तक आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत प्रशासन ने पीएम-जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ बस्तियों में पहुँचकर लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ा।
इस अभियान का सबसे बड़ा असर ग्राम मोंगरा गहन की निवासी धामिनी के जीवन में देखने को मिला। लंबे समय से बीमारी और इलाज का खर्च उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ था। सीमित आय, अस्पतालों की दूरी और जरूरी दस्तावेजों की कमी के कारण परिवार अक्सर इलाज टालने को मजबूर हो जाता था। छोटी बीमारी भी आर्थिक संकट का कारण बन जाती थी।
लेकिन जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान प्रशासनिक टीम सीधे गाँव पहुँची और शिविर लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही दस्तावेज तैयार किए। इसी दौरान धामिनी का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंपा गया। कार्ड मिलने के बाद उनके चेहरे पर राहत और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। अब परिवार को इलाज के खर्च और अस्पताल के भारी बिलों की चिंता नहीं सताएगी।
धामिनी ने खुशी जताते हुए कहा कि अब बीमारी की स्थिति में बेहतर इलाज मिलना आसान होगा और सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुँच रहा है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को एक ही स्थान पर आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य जांच, राशन कार्ड, पेंशन योजनाएँ, पहचान पत्र अपडेट और बैंकिंग सेवाओं जैसी कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। इससे लोगों को शहरों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
यह अभियान इस बात की मिसाल बन गया कि जब प्रशासन संवेदनशीलता और जनभागीदारी के साथ काम करता है, तो दूर-दराज़ के लोगों के जीवन में भी वास्तविक बदलाव संभव हो जाता है।




