जलता रहे मिडिल ईस्ट! मोदी सरकार की अचूक रणनीति से भारत की ऊर्जा सुरक्षा अभेद्य, वैकल्पिक तेल रूट से दुनिया हैरान!

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े इस युद्ध ने भले ही दुनिया भर के तेल बाजारों में हड़कंप मचा दिया हो और वैश्विक जहाजों के रास्ते बंद हो रहे हों, लेकिन भारत पूरी तरह सुरक्षित और आश्वस्त खड़ा है। भारत सरकार ने रणनीतिक रूप से पहले ही देश के क्रूड ऑयल रिज़र्व (Strategic Petroleum Reserves) को फुल कर लिया है और नागरिकों से भी ईंधन संरक्षण का आह्वान किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत ने ईरान से सीधे तेल आयात पर निर्भरता खत्म कर दी थी, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी का भारत पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
भविष्य की संभावना और भारत का रुख: भारत ने रूस और अन्य गैर-खाड़ी देशों के साथ तेल आपूर्ति के ऐसे वैकल्पिक रास्ते तैयार कर लिए हैं जो इस युद्ध के दायरे से बिल्कुल बाहर हैं। भविष्य में जहां पश्चिमी देश और खुद अमेरिका इस युद्ध की भारी आर्थिक और औद्योगिक कीमत चुकाएंगे, वहीं भारत अपनी अभेद्य आर्थिक रणनीतियों के कारण इस महासंकट के बीच भी तेजी से आगे बढ़ता रहेगा।




