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मोट्राइज्ड ट्रायसायकल बनी जिंदगी की नई रफ्तार, दिव्यांग युवक ने शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर

Motorized tricycle gives life a new lease of life, disabled youth begins journey towards self-reliance

रायपुर। समाज कल्याण विभाग की एक संवेदनशील पहल ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम मटिया निवासी दिव्यांग हितग्राही झंगलू टंडन के जीवन में नई ऊर्जा भर दी है। 80 प्रतिशत अस्थि बाधित झंगलू को विभाग द्वारा मोट्राइज्ड ट्रायसायकल उपलब्ध कराई गई, जिससे अब उनका दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है।

पहले जहां उन्हें आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब यह ट्रायसायकल उनके लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन गई है। झंगलू अब गांव-गांव जाकर सब्जी बेचने का काम शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित आय का साधन मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

झंगलू टंडन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह ट्रायसायकल सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि उनके जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने बताया कि अब वे बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकेंगे और सम्मानपूर्वक जीवन जी पाएंगे।

यह पहल दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे सहायक उपकरण दिव्यांग व्यक्तियों के लिए केवल सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास का जरिया बन रहे हैं।