महुआ पेड़ के नीचे लगी चौपाल, CM विष्णुदेव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से जाना गांव का हाल

रायपुर। सूरजपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण किया और संग्राहकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए आजीविका, मजदूरी और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आगमन पर संग्राहकों ने तेंदूपत्ता और तेंदू फल से बनी विशेष माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी और वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल और वन उपज से जुड़े परिवार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है।
महुआ पेड़ की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से राशन वितरण, पेयजल, जल जीवन मिशन, शिक्षा व्यवस्था, राजस्व मामलों और महतारी वंदन योजना को लेकर चर्चा की। महिलाओं से योजना की राशि के उपयोग को लेकर बातचीत करते हुए उन्होंने परिवार की आर्थिक मजबूती में इसकी भूमिका पर जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हित संरक्षण और सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए। इस मौके पर संग्राहकों को चरण पादुका भी वितरित की गई।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा तय की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 21 मई 2026 तक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से 108 संग्राहक जुड़े हुए हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।




