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भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है और वार्षिक सौर क्षमता वृद्धि के आधार पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बन गया है। यह उपलब्धि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीति और तेजी से बढ़ते सौर निवेश का परिणाम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में देश की सौर ऊर्जा क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। 2014 में जहां भारत की सौर क्षमता कुछ गीगावाट तक सीमित थी, वहीं 2026 तक यह कई गुना बढ़ चुकी है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी को और मजबूत करना है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता भी कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर परियोजनाओं के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ग्रिड क्षमता, भंडारण तकनीक और निवेश की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी होगा। इसके बिना सौर ऊर्जा विस्तार की गति प्रभावित हो सकती है।

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