लॉर्ड्स में शर्म का महाकॉकटेल: गेंदबाजों ने लुटाए 387 रन, रोहित का शतक भी नहीं धो पाया टीम इंडिया की कप्तानी और चयन का कलंक!

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को जो तमाशा दिखाया है, उसने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के खून को खौला दिया है। निर्णायक तीसरे वनडे में इंग्लैंड के नौसिखियों और बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की ऐसी धज्जियां उड़ाईं कि स्कोर बोर्ड पर 387 रनों का पहाड़ खड़ा हो गया। गुरनूर ब्रार जैसे गेंदबाजों ने 10 ओवर में 97 रन लुटाकर भारतीय चयनकर्ताओं की समझ पर बड़ा तमाचा जड़ा है। जब कप्तान शुभमन गिल (ODIs के कप्तान) और टीम के थिंक टैंक को पता था कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में गेंदबाजी कमजोर है, तो पावरप्ले में इतनी दिशाहीन रणनीति क्यों अपनाई गई?
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए रोहित शर्मा ने अकेले दम पर 138 रनों की आतिशी और ऐतिहासिक शतकीय पारी जरूर खेली, लेकिन मध्यक्रम के तथाकथित ‘स्टार्स’ ने अपनी रीढ़विहीन बल्लेबाजी से पूरा मैच इंग्लैंड की झोली में डाल दिया। श्रेयस अय्यर शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। टी20 सीरीज 4-0 से गंवाने के बाद, वनडे सीरीज भी 1-2 से हार जाना यह साबित करता है कि भारतीय टीम का घमंड सातवें आसमान पर है, लेकिन मैदान पर प्रदर्शन पाताल में जा चुका है। मुख्य कोच गौतम गंभीर की बड़ी-बड़ी बातें अब केवल बयानों तक सीमित रह गई हैं, क्योंकि इंग्लैंड की सरजमीं पर यह दौरा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे काले अध्यायों में गिना जाएगा। सिर्फ एक खिलाड़ी के शतक के भरोसे पूरी सीरीज जीतने का ख्वाब देखने वाले इन सफेद हाथी बन चुके खिलाड़ियों को अब अपनी जवाबदेही तय करनी होगी, वरना फैंस का यह गुस्सा इन्हें लील जाएगा।




