क्या अब फ्री नहीं रहेगा UPI? 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांसफर पर वसूला जाएगा चार्ज, व्यापारियों ने बोला हल्ला!

डिजिटल इंडिया का ढोल पीटने वाली सरकार के एक नए फैसले ने देश के करोड़ों व्यापारियों और आम जनता को तगड़ा झटका दिया है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और वित्त मंत्रालय द्वारा ₹2000 से अधिक के व्यापारी लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वसूलने के फैसले पर 18 सितंबर को देश भर के बाजारों में भारी गुस्सा देखा गया। भले ही सरकार ढोल पीट रही है कि यह शुल्क आम ग्राहकों पर लागू नहीं होगा, लेकिन दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के व्यापारी संघों ने साफ कर दिया है कि जेब अंततः ग्राहक की ही कटेगी। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि 3-4 प्रतिशत के मार्जिन पर काम करने वाले व्यापारी अपनी जेब से यह चार्ज नहीं देंगे। सरकार के इस कदम से कैस-लेस इकोनॉमी को गहरा धक्का लगने की आशंका है और बाजारों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
आम जनता और छोटे कारोबारियों को राहत देने के बजाए हर जगह से जेब काटने की यह नीति बेहद शर्मनाक है। अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो डिजिटल लेन-देन ठप्प होना तय है।



