संयुक्त राष्ट्र में भिड़े सीरिया, इजराइल और तुर्की: सीरियाई धरती पर सेना की तैनाती पर मचा घमासान, युद्ध छिड़ने की नौबत

न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक उस वक्त एक अखाड़े में तब्दील हो गई जब सीरिया, इजराइल और तुर्की के प्रतिनिधियों के बीच सीरियाई क्षेत्र में अवैध सैन्य मौजूदगी को लेकर बेहद तीखी बहस छिड़ गई। सीरिया के यूएन राजदूत इब्राहिम ओलाबी ने खुलेआम इजराइल पर आरोप लगाया कि वह मध्य पूर्व की शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि इजराइल लगातार सीरियाई गांवों पर हमले कर रहा है और उसकी संप्रभुता को रौंद रहा है।
वहीं, इजराइली राजदूत डैनियल डैनन ने सीरिया के आरोपों को नकारते हुए तुर्की पर पलटवार कर दिया। इजराइल ने कहा कि तुर्की ने सीरिया में 20,000 सैनिक और 100 से अधिक ठिकाने बना रखे हैं, जो इजराइल के सुरक्षा घेरे से 50 गुना बड़े इलाके पर कब्जा जमाए हुए है। इसके जवाब में तुर्की ने कहा कि उसकी सेना सीरियाई सरकार के आमंत्रण पर वहां है। तीन देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस तीखी जुबानी जंग ने यह साफ कर दिया है कि सीरियाई धरती पर अब एक नया और बहुकोणीय महायुद्ध शुरू होने की कगार पर है।


