पाखंडी बाबाओं के दावों की खुली पोल, 20 जुलाई का ‘महाविनाश’ निकला फुस्स!

पिछले एक महीने से सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर कुछ तथाकथित ‘महान ज्योतिषियों’ ने 20 जुलाई 2026 को लेकर महाविनाश की अफवाह फैला रखी थी। ग्रहों की चाल और राहु-केतु का डर दिखाकर जनता को इस कदर डराया गया कि लोगों ने डर के मारे पूजा-पाठ और शांति के नाम पर इन पाखंडियों को लाखों रुपये दान कर दिए। आज 20 जुलाई का दिन भी सामान्य दिनों की तरह बीत रहा है, लेकिन इन ठग बाबाओं के दावों का जो गुब्बारा था, वो पूरी तरह से फूट चुका है।
यह ज्योतिष के नाम पर चल रहा अंधविश्वास और सरेआम लूट का धंधा है। ग्रह-नक्षत्रों का ढोंग रचकर ये पाखंडी लोगों की मजबूरी और डर का व्यापार करते हैं। जब आज कुछ नहीं हुआ, तो ये ढोंगी अब नए कुतर्क गढ़ने में लग गए हैं कि ‘महापूजन के कारण टल गया टल गया संकट’। यह जनता की समझदारी का अपमान है। विज्ञान के इस युग में भी ऐसे मानसिक दिवालिया लोग समाज को पीछे धकेल रहे हैं।
सरकार और प्रशासन को इन फर्जी ज्योतिषियों और भविष्यवक्ताओं पर तुरंत शिकंजा कसना चाहिए जो समाज में भय और अराजकता फैलाते हैं। जो लोग खुद का कल नहीं देख सकते, वे दुनिया के विनाश की तारीखें तय कर रहे हैं। जनता को जागना होगा और इन लुटेरों को ठेंगा दिखाना होगा।


