सरकारी सहायता से बदलेगी महिलाओं की तकदीर, महामाया समूह को मिले 60 हजार रुपये से स्वरोजगार को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के तहत मुंगेली जिला मुख्यालय के सरदार वल्लभभाई पटेल सामुदायिक भवन में आयोजित वृहद पंजीकरण शिविर में महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की बड़ी सौगात मिली।
इस दौरान ग्राम सुरीघाट की महामाया स्व-सहायता समूह को 60 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। समूह की अध्यक्ष सोनम यादव ने बताया कि इस राशि से समूह की महिलाएं अपने स्वरोजगार कार्यों का विस्तार करेंगी और नए छोटे व्यवसायों की शुरुआत कर सकेंगी।
उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं लंबे समय से सामूहिक आजीविका गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। शासन से मिली आर्थिक मदद उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती देगी और आर्थिक उन्नति के नए रास्ते खोलेगी।
महिलाओं ने सरकार की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। समूह द्वारा इस राशि का उपयोग आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में किया जाएगा, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।



