स्लम स्वास्थ्य योजना बनी शहरी गरीबों की ढाल, जरही में 22 हजार से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना शहरी क्षेत्रों के गरीब और स्लम बस्तियों में रहने वाले नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत आधार बनकर उभर रही है। इस योजना के तहत सूरजपुर जिले के नगर पंचायत जरही में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों ने हजारों जरूरतमंद परिवारों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत जरही में अब तक 463 स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से 22 हजार 495 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। प्रत्येक शिविर में औसतन 49 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। योजना के अंतर्गत 5 हजार 635 लैब जांचें की गईं, जबकि 19 हजार 395 मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका।
योजना के तहत गंभीर और गैर-संचारी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में 536 लोगों की शुगर जांच की गई, जिनमें 86 मरीज मधुमेह से प्रभावित पाए गए। वहीं 21 हजार 603 नागरिकों का रक्तचाप परीक्षण किया गया, जिसमें 2 हजार 144 मरीज उच्च रक्तचाप और शुगर संबंधी समस्याओं से ग्रसित मिले।
चिन्हित सभी मरीजों को आवश्यक उपचार, निःशुल्क दवाइयां और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। इससे बीमारियों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान और नियंत्रण संभव हो पाया है।
स्वास्थ्य शिविरों में रक्तचाप परीक्षण, शुगर जांच, स्वास्थ्य परामर्श और आवश्यक उपचार जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे अस्पतालों तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों में कमी आई है और शहरी गरीब परिवारों को घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
स्लम स्वास्थ्य योजना के प्रभावी संचालन से जरही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और मजबूती दोनों बढ़ी हैं। यह योजना न केवल निःशुल्क उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




