बिलासपुर में शादी का झांसा, दुष्कर्म और ₹13 लाख की ठगी: आरोपी दंपति दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार

ऑनलाइन रिश्ते का भरोसा जब ठगी के जाल में बदल जाए, तो नुकसान सिर्फ पैसे का नहीं होता। बिलासपुर में सामने आए मामले में शादी का भरोसा, दैहिक शोषण और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने के आरोप ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
• अब तक क्या हुआ?
तोरवा थाना पुलिस के अनुसार कोरबा निवासी महिला की पहचान एक matrimonial website के जरिए पवन कुमार यादव से हुई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का भरोसा दिया और इसी दौरान उसके साथ दैहिक संबंध बनाए।
बाद में नौकरी दिलाने के नाम पर नकद राशि और सोने-चांदी के जेवर लेने का आरोप है। कुल रकम लगभग ₹12-13 लाख बताई गई है।
• पुलिस का दावा
शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी अपनी पत्नी के साथ फरार हो गया। पुलिस ने कई स्थानों पर तलाश की।
जांच में आरोपी की पत्नी के बैंक खाते में ट्रांजेक्शन जारी मिलने के बाद पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। बल्लभगढ़ में रकम निकाले जाने की जानकारी मिलने पर टीम दिल्ली-हरियाणा सीमा क्षेत्र पहुंची और दोनों को गिरफ्तार किया।
• FIR में क्या दर्ज है?
महिला ने 9 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को 9 अगस्त को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी रिपोर्ट में है।
• पीड़ित पक्ष क्या कहता है?
महिला का आरोप है कि विवाह और नौकरी दोनों के भरोसे में लेकर उससे रकम और जेवर लिए गए।
• आरोपी का पक्ष
आरोपियों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपों को न्यायालय में सिद्ध होने तक आरोप ही माना जाना चाहिए।
• जांच में सबसे बड़ा सवाल
क्या आरोपी पहले से ऐसे मामलों में सक्रिय था? कितनी महिलाओं से संपर्क किया गया? matrimonial platform पर इस्तेमाल की गई पहचान वास्तविक थी या फर्जी?




