नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में पहली औद्योगिक यूनिट की शुरुआत, 235 करोड़ के निवेश से 4650 युवाओं को मिलेगा रोजगार

नवा रायपुर में विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क को बड़ी औद्योगिक सफलता मिली है। यहां टेक्सटाइल पार्क की पहली औद्योगिक यूनिट का भूमिपूजन किया गया, जिसके साथ ही राज्य के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है, जिससे लगभग 4650 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। इस अवसर पर लखन लाल देवांगन ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग केवल उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ाता, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं और महिलाओं को उनके गृह क्षेत्र के निकट रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े।
ओ.पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बिजली, पानी, सड़क, लॉजिस्टिक्स और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
करीब 81 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र और सहायक उद्योगों के लिए आधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। यहां डामरीकृत सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, पावर सब-स्टेशन, जल प्रदाय प्रणाली, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
स्विफ्ट टेक्सटाइल्स मुख्य रूप से किड्सवियर और निट गारमेंट्स का उत्पादन करेगी, जिनका निर्यात यूरोप और अमेरिका के बाजारों में किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ को वैश्विक परिधान उद्योग के मानचित्र पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इन कंपनियों द्वारा कुल 445 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे 11 हजार से ज्यादा रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर घोषित किया गया है। रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए महिला कर्मचारियों पर 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों पर 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक रोजगार सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है।
नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1.6 लाख से ज्यादा रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। टेक्सटाइल के साथ-साथ डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्रों में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।




