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बीजापुर का मत्स्य पालन केंद्र बनेगा आधुनिक ट्रेनिंग हब, किसानों को मिलेगा रोजगार और नई तकनीक का प्रशिक्षण

Bijapur's fisheries center to become a modern training hub; farmers to gain employment and training in new technologies.

रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बीजापुर जिले के मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण कर इसे भविष्य में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र को ऐसा मॉडल बनाया जाएगा, जहां आसपास के किसानों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सके। इससे ग्रामीणों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने हैचरी में संचालित मत्स्य उत्पादन गतिविधियों का अवलोकन किया और विभागीय अधिकारियों से केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस केंद्र को जिले के किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं के तहत आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सरकार केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर का प्राकृतिक वातावरण कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए बेहद अनुकूल है। फल, फूल, कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है।

उन्होंने स्व-सहायता समूहों को तालाब उपलब्ध कराकर मत्स्य पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का विस्तार करने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर क्षेत्र के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में पशु औषधालय की स्थापना तथा पशुपालन विभाग की सेवाओं को मजबूत करने की मांग रखी। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की चेतावनी भी दी।