बस्तर से माओवाद के सफाए पर गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा दावा

छत्तीसगढ़ के लिए 4 जुलाई 2026 की सुबह एक बेहद राहत भरी और ऐतिहासक खबर लेकर आई है। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर दौरे के दौरान घोषणा की है कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के चलते भारत को अब पूरी तरह से ‘माओवाद मुक्त’ (नक्सल मुक्त) घोषित किया जा सकता है। सरकार द्वारा तय की गई 31 मार्च की समयसीमा के भीतर ही माओवाद के अंतिम गढ़ों को ध्वस्त कर दिया गया है। बस्तर, जो कभी देश का सबसे बड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, वहां अब विकास और शांति के नए युग की शुरुआत हो चुकी है। अमित शाह ने इस सफलता का श्रेय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के वीर जवानों को दिया है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर अंदरूनी इलाकों में मोर्चे संभाले।
दूसरी तरफ, राजधानी रायपुर के करीब स्थित नवा रायपुर (जहां मुख्यमंत्री आवास और नई विधानसभा शिफ्ट हो रही है) के पास एक गांव में प्रशासन द्वारा चलाए गए बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान (डेमोलिशन ड्राइव) ने तूल पकड़ लिया है। रायपुर हवाई अड्डे से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित करीब 15 हेक्टेयर की भूमि को खाली कराए जाने के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा, राज्य के शैक्षणिक माहौल में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकारी स्कूलों में कुछ खास प्रार्थनाओं को अनिवार्य करके आरएसएस के एजेंडे को थोपने की कोशिश की जा रही है, जिस पर राज्य में राजनीतिक घमासान छिड़ गया है।




