महाशक्तियों की जंग के बीच भारत की हुंकार! जयशंकर ने अमेरिका और ईरान दोनों को कड़े लहजे में हड़काया, कहा- ‘हद में रहें दोनों देश’!

नई दिल्ली: जब दुनिया अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक मंदी और तेल संकट के डर से कांप रही है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी कड़क और स्वतंत्र कूटनीति का प्रदर्शन किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बेहद आक्रामक और स्पष्ट लहजे में बयान जारी कर अमेरिका और ईरान दोनों को ‘संयम बरतने’ और तुरंत युद्ध रोकने की चेतावनी दी है। भारत ने दो टूक कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसी वैश्विक लाइफलाइन में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति में कोई भी बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भारत इस युद्ध में पूरी तरह न्यूट्रल (तटस्थ) बना हुआ है, जिससे इसकी वैश्विक साख और मजबूत हुई है। भारत की इस दबंग कूटनीति का असर है कि भारतीय जहाजरानी नियामक (DGS) ने भारतीय जहाजों को फारस की खाड़ी में सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ संचालन जारी रखने की हरी झंडी दे दी है। भविष्य में भारत इस जंग को रुकवाने के लिए दोनों देशों के बीच एकमात्र ‘ग्लोबल मीडिएटर’ (मध्यस्थ) बनकर उभर सकता है



