America's massive, destructive action in 'Hormuz': Bombs rained down on 90 Iranian targets; ceasefire completely shattered!

‘हॉर्मुज’ में अमेरिका का महाविनाशक एक्शन: ईरान के 90 ठिकानों पर बरसाए बम, सीजफायर पूरी तरह ध्वस्त!

पिछले 24 घंटे के भीतर पश्चिम एशिया में बारूद की ऐसी आंधी आई है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तथाकथित ‘शांति समझौता’ और सीजफायर अब इतिहास की बात हो चुके हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भीषण हवाई हमलों को अंजाम देते हुए ईरान के भीतर एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 90 रणनीतिक और सैन्य ठिकानों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। अमेरिका का यह गुस्सा तब भड़का, जब ईरान ने स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज (Hormuz Strait) में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुलेआम एलान कर दिया है कि ईरान के साथ सीजफायर अब पूरी तरह ‘खत्म’ हो चुका है।

अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के बुशहर प्रांत, जहां उसका एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है, के आसपास के इलाकों और मुख्य बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पर घातक बमबारी की। इसके अलावा, ईरान के भीतर परिवहन और लॉजिस्टिक्स को तोड़ने के लिए रेलवे ब्रिजों को भी निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी चौकियों, मिसाइल लॉन्चर्स और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया है।

इस विनाशकारी हमले का असर यह हुआ है कि ईरान पूरी तरह बौखला गया है। उसने कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर में अमेरिकी अर्ली वार्निंग साइट और बहरीन में फिफ्थ फ्लीट के पास अमेरिकी ईंधन डिपो पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। मिडिल ईस्ट में फैले इस तनाव ने साबित कर दिया है कि ईरान की आक्रामकता अब उसी पर भारी पड़ रही है। इस टकराव का सबसे बड़ा भू-राजनीतिक फायदा भारत को होने जा रहा है, क्योंकि कच्चे तेल के रूट पर ईरान की दादागिरी खत्म करने के लिए अमेरिका का यह एक्शन बेहद जरूरी था। वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति अब और मजबूत होगी क्योंकि अस्थिर ईरान के मुकाबले भारत दुनिया के लिए एकमात्र जिम्मेदार और भरोसेमंद पावरहाउस बनकर उभरा है।

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4rtheye web Desk
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