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सुपरपावर अमेरिका को झुकना ही पड़ा! भारत की आक्रामक आर्थिक नीति के आगे घुटने टेक 24 जुलाई की महाडील पर राजी हुआ वाशिंगटन!

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक महाडील

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत ने अमेरिका को अपनी नीतियां बदलने पर मजबूर कर दिया है। पिछले 24 घंटों (10-11 जुलाई) में नई दिल्ली में चल रही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता से बेहद बड़ी और भारत के पक्ष में खबर आ रही है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए अस्थाई 10% आयात शुल्कों (Tariffs) के जवाब में भारत ने जो आक्रामक जवाबी रुख अपनाया, उससे बौखलाकर अमेरिकी वाणिज्य प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर और राजदूत सर्जियो गोर को नई दिल्ली आकर टेबल पर बैठना पड़ा है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी अधिकारियों को दोटूक कह दिया है कि भारत के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता मंजूर नहीं किया जाएगा।

भारत की इस आक्रामक सौदेबाजी का नतीजा यह हुआ है कि अमेरिका अब 24 जुलाई 2026 से पहले एक बड़े अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Pact) को फाइनल करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है। भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों, ड्राई फ्रूट्स और सोयाबीन तेल पर तभी रियायत देने की बात की है जब अमेरिका भारतीय निर्यातकों को बिना किसी अड़चन के अमेरिकी बाजारों में एंट्री देगा। भारत ने साफ कर दिया है कि 2026 का भारत वो नहीं है जो पश्चिमी देशों की धमकियों से डर जाए। अगर अमेरिका टैरिफ युद्ध लड़ेगा, तो भारत के पास अपनी डोमेस्टिक मार्केट और अन्य वैश्विक पार्टनर मौजूद हैं। अमेरिकी अधिकारियों को यह अच्छी तरह समझ आ गया है कि चीन को काउंटर करने और वैश्विक सप्लाई चेन को बचाए रखने के लिए उन्हें भारत की हर जायज शर्त को मानना ही होगा। यह खबर भारतीय बाजार और व्यापारिक जगत के लिए एक प्रचंड उत्साह लेकर आई है।

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