ट्रंप का ‘ओपन ब्लिट्जक्रेग’! तीसरे दिन भी कांपी ईरान की धरती; बुशहर और चाबहार पर अमेरिकी मिसाइलों का तांडव, तेहरान का आत्मघाती पलटवार

दुनिया महायुद्ध की आग में झुलस चुकी है और पिछले 24 घंटे गवाह हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच का सीजफायर अब हमेशा के लिए दफन हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कल रात ईरान पर तीसरे दौर की सबसे विनाशकारी एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और नौसैनिक युद्धपोतों ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र क्षेत्र, रणनीतिक चाबहार तट, जास्क और कोंडराक सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों प्रिसिजन गाइडेड मिसाइलें दागी हैं।
CENTCOM ने आधिकारिक बयान में कहा कि इस 5 घंटे लंबे सैन्य मिशन का मकसद ईरान की तटीय रक्षा प्रणालियों, ड्रोन डिपो और मिसाइल साइटों को पूरी तरह नेस्तनाबूत करना था, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना न बना सके।
पलटवार में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया है। पिछले 24 घंटों में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को दहला दिया है। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक बेस के आवासीय भवनों, उपग्रह संचार केंद्रों और हथियारों के गोदामों पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे, जिससे पूरे बहरीन में आधी रात को मिसाइल हमले के सायरन गूंज उठे।
संभावनाएं साफ इशारा कर रही हैं कि ट्रंप ने कांग्रेस को बाईपास कर 60 दिनों के युद्ध की जो खुली छूट (War Powers Act) ली है, उससे यह टकराव अब क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर वैश्विक महाशक्तियों को सीधे युद्ध में घसीटने वाला है। ईरान ने दो सुपरटैंकरों को होर्मुज में अपंग कर दुनिया को तेल संकट की खाई में धकेल दिया है।




