ट्रंप की दादागीरी पर झुकेगा नहीं भारत! होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका ने लगाया 20% टैक्स, मोदी सरकार ने दिया दो टूक जवाब- ‘हमारे जहाज नहीं देंगे एक धेला’
होर्मुज नाकेबंदी और ट्रंप का टैक्स (भारत का फेवर)

पश्चिम एशिया के इस महासंकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा पासा फेंका है जिसने पूरी दुनिया को भड़का दिया है, लेकिन भारत इस ब्लैकमेलिंग के आगे झुकने को तैयार नहीं है। पिछले 24 घंटों में ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए भारी कीमत चुका रही है, इसलिए इस रास्ते से गुजरने वाले हर एक कमर्शियल कार्गो पर अमेरिका 20% का ‘सुरक्षा टैक्स’ (Toll Fee) वसूलेगा। इस फैसले को जहां ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने खुलेआम “अमेरिकी समुद्री डकैती” करार दिया, वहीं भारतीय रणनीतिक गलियारों से भी अमेरिका को कड़ा संदेश भेज दिया गया है।
भारत के इस कड़े स्टैंड से साफ है कि नई दिल्ली किसी भी वैश्विक दबाव में अपनी आर्थिक संप्रभुता का सौदा नहीं करेगी। भारतीय जहाजरानी मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, भारत ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के इस एकतरफा टैक्स को खारिज करता है। यह घटनाक्रम भारत के पक्ष में इसलिए मुड़ रहा है क्योंकि खाड़ी के देश और वैश्विक समुदाय अब अमेरिका के इस लालच के खिलाफ भारत के नेतृत्व की ओर देख रहे हैं। संभावनाएं बताती हैं कि भारत अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोतों (Operation Sankalp) को खुद होर्मुज और ओमान की खाड़ी में तैनात कर अमेरिकी दादागीरी को धता बता देगा। भारत का यह आक्रामक रुख यह साबित करता है कि नई दिल्ली अब वाशिंगटन की पिछलग्गू नहीं, बल्कि नियमों को तय करने वाली महाशक्ति है।




